Ai4
पारंपरिक डैशबोर्ड निर्णय प्रक्रिया में बाधा बनते हैं, जिसे स्लैक और टीम्स में सीधे नो-कोड मॉडल फाइन-ट्यूनिंग जोड़कर खत्म किया जा सकता है।
AI-assisted summary of The Future of Business Intelligence: Conversational, Contextual and Collaborative With Ignite AI LLC — original source. Check the original for full context.
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Detailed notes
## Background यह वीडियो 24 अगस्त 2025 को 'Ai4' यूट्यूब चैनल द्वारा प्रकाशित किया गया है, जिसमें इग्नाइट एआई (Ignite AI LLC) के फाउंडर और सीईओ हर्षी खान का मुख्य व्याख्यान शामिल है। विवरण के अनुसार, यह सत्र दर्शाता है कि कैसे उनका नो-कोड समाधान इग्नाइट लेंस और डायनाट्यून पारंपरिक बीआई बाधाओं को दूर कर एनालिटिक्स को संवादात्मक, प्रासंगिक और सहयोगी बनाता है।
## TL;DR सत्र में बताया गया है कि पारंपरिक बीआई डैशबोर्ड्स, जीरा टिकटों की देरी और डेटा साइलो के कारण समय पर निर्णय लेने में बाधा बनते हैं। इसके समाधान के रूप में नेक्स्ट-जेनरेशन बीआई के तीन स्तंभों—कन्वर्सेशनल, कॉन्टेक्स्टुअल और कोलैबोरेटिव वर्कफ़्लो—की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इग्नाइट लेंस यूज़र्स को स्लैक और टीम्स जैसे टूल्स के भीतर ही बिना एसक्यूएल के सीधे डेटा क्वेरी करने और 'ब्रिंग योर ओन मॉडल' (BYOM) की सुविधा देता है। साथ ही, डायनाट्यून नो-कोड एजेंट के माध्यम से एलएलएम को कंपनी के आंतरिक डेटा पर फाइन-ट्यून करके हैल्युसिनेशन को कम और डोमेन सटीकता को बेहतर बनाया जाता है।
## Atmosphere & style प्रस्तुति का लहजा अत्यंत पेशेवर, व्यावहारिक और विचारोत्तेजक है, जिसमें डॉ. बर्निस किंग के मानवीय गरिमा वाले प्रेरक विचार से शुरुआत होती है। वक्ता वास्तविक दुनिया की वर्कफ़्लो समस्याओं को बहुत ही सहज और आश्वस्त शैली में प्रस्तुत करते हुए डेटा टीमों के दैनिक तनाव को सामने लाते हैं। तकनीकी जटिलताओं को सरल और इंटरैक्टिव बनाकर दर्शकों को भविष्य के एआई-सक्षम समाधानों के प्रति उत्साहित करने का एक सकारात्मक प्रभाव महसूस होता है।
## Key takeaways - [00:04](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=4s) गार्टनर की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 80% बिज़नेस लीडर्स सुंदर डैशबोर्ड होने के बावजूद ज़रूरी बिज़नेस इनसाइट्स पाने के लिए संघर्ष करते हैं। - [04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) पारंपरिक बीआई सिस्टम्स की सबसे बड़ी कमी यह है कि उन्होंने केवल 'रिपोर्टिंग' को ऑप्टिमाइज़ किया है, न कि त्वरित 'डिसीजन-मेकिंग' को। - [02:23](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=143s) जीरा (Jira) टिकटों और स्प्रिंट बैकलॉग में डेटा रिक्वेस्ट फँसने के कारण कई बार महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय बिना डेटा के ही ले लिए जाते हैं। - [02:23](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=143s) डैशबोर्ड से 'एक्सपोर्ट टू एक्सेल' करने की प्रथा से संवेदनशील कॉर्पोरेट डेटा अनियंत्रित स्टोरेज में बिखरने का सुरक्षा जोखिम बढ़ता है। - [04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) नेक्स्ट-जेनरेशन बिज़नेस इंटेलिजेंस को तीन प्रमुख स्तंभों पर खड़ा होना चाहिए: कन्वर्सेशनल, कॉन्टेक्स्टुअल और कोलैबोरेटिव। - [04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) कन्वर्सेशनल एनालिटिक्स की मदद से यूज़र्स जटिल एसक्यूएल (SQL) क्वेरीज़ लिखे बिना नेचुरल लैंग्वेज में स्ट्रक्चर्ड और अनस्ट्रक्चर्ड डेटा से सीधे सवाल पूछ सकते हैं। - [04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) कॉन्टेक्स्टुअल इंटेलिजेंस में शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मेमोरी का होना आवश्यक है ताकि प्रत्येक एनालिसिस संगठन की संस्थागत नॉलेज का हिस्सा बन सके। - [06:50](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=410s) इग्नाइट लेंस (Ignite Lens) एक एआई-नेटिव सॉल्यूशन है जो बिना किसी कोडिंग आवश्यकता के बिज़नेस टीमों को तुरंत इनसाइट्स हासिल करने में सक्षम बनाता है। - [06:50](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=410s) इग्नाइट लेंस 'ब्रिंग योर ओन मॉडल' (BYOM) आर्किटेक्चर का समर्थन करता है, जिससे संगठन किसी एक विशिष्ट एलएलएम (LLM) पर निर्भर नहीं रहते। - [06:50](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=410s) स्लैक और माइक्रोसॉफ्ट टीम्स के साथ नेटिव इंटीग्रेशन से अलग-अलग देशों में मौजूद टीमें बिना कॉन्टेक्स्ट खोए सीधे चैट में डेटा विज़ुअलाइज़ेशन साझा कर सकती हैं। - [08:17](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=497s) जेनेरलिस्ट एआई मॉडल आंतरिक संगठनात्मक शब्दावली और विशिष्ट केपीआई को समझने में असमर्थ होते हैं, जिससे हैल्युसिनेशन का खतरा बना रहता है। - [08:17](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=497s) डायनाट्यून (DynaTune) एक नो-कोड फाइन-ट्यूनिंग एजेंट है, जो केवल एक क्लिक में मॉडल्स को कंपनी के अपने डेटा पर कस्टमाइज़ करके हैल्युसिनेशन को न्यूनतम कर देता है।
## Detailed walkthrough ### [00:04](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=4s) बिज़नेस इंटेलिजेंस की मौजूदा चुनौतियाँ और एआई का उद्देश्य
सत्र की शुरुआत एक जाने-पहचाने सवाल से होती है: क्या आपने कभी किसी डैशबोर्ड पर कोई डरावना लाल नंबर (red number) देखकर यह सोचा है कि ऐसा क्यों हो रहा है? या डेटा और टेक्नोलॉजी टीम में होने के नाते कभी किसी बिज़नेस लीडर का फोन आया है जो किसी महत्वपूर्ण केपीआई (KPI) के पीछे का कारण जानना चाह रहे हों? पिछले साल के गार्टनर (Gartner) डेटा के अनुसार, लगभग 80% लीडर्स अपने मौजूदा टूल्स से ज़रूरी बिज़नेस इनसाइट्स पाने के लिए संघर्ष करते हैं, चाहे उनके डैशबोर्ड कितने भी सुंदर क्यों न दिखते हों।
इग्नाइट एआई (Ignite AI) के फाउंडर और सीईओ, हर्षी खान (Hershey Khan), डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर की सुपुत्री डॉ. बर्निस किंग (Dr. Bernice King) के साथ अपनी मुलाक़ात का संस्मरण साझा करते हैं। इस साल की शुरुआत में टेक्नोलॉजी की प्रगति पर चर्चा के दौरान डॉ. बर्निस किंग ने एक गहरा संदेश दिया था: "व्हाट्स द गुड दैट एआई इज़ गोइंग टू डू इफ इट इज़ नॉट गोइंग टू हेल्प अस अपलिफ्ट ह्यूमन डिग्निटी एंड इज़ फॉर पीस" (यदि एआई मानवीय गरिमा को ऊपर उठाने और शांति स्थापित करने में मदद नहीं कर सकता, तो उसकी भलाई का क्या फायदा)।
हर्षी खान बताते हैं कि डेटा और एआई के क्षेत्र में वर्षों काम करने और ग्राहकों के लिए करोड़ों डॉलर की वैल्यू तैयार करने के बावजूद एक बुनियादी समस्या हमेशा बनी रही—डेटा और निर्णयों के बीच की खाई को पाटने की कोशिशों के बाद भी ग्राहकों को किसी क्रूशियल केपीआई के पीछे का कारण तुरंत समझने में भारी देरी का सामना करना पड़ता है।
- **गार्टनर (Gartner) रिपोर्ट**: 80% बिज़नेस लीडर्स आकर्षक डैशबोर्ड होने के बावजूद मुख्य इनसाइट्स हासिल करने में कठिनाई महसूस करते हैं। - **मुख्य समस्या**: सुंदर और आकर्षक डैशबोर्ड होने के बावजूद डेटा और रियल-टाइम डिसीजन-मेकिंग के बीच की देरी समाप्त नहीं हो पाती।
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[02:23](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=143s) पारंपरिक बीआई वर्कफ़्लो की समस्याएँ और डेटा साइलो
डेटा और बीआई (BI) टीमों की मौजूदा हकीकत यह है कि टीमें आज भी अपना अधिकांश समय केवल डेटा रैंगलिंग (data wrangling) में बिता देती हैं। बनाए गए डैशबोर्ड स्टैटिक होते हैं और उनमें लचीलापन नहीं होता। कंपनियाँ आज भी डेटा साइलो (data silos) से जूझ रही हैं, जिसके कारण जब तक सवालों के जवाब मिलते हैं, तब तक काफ़ी देर हो चुकी होती है। जब इनसाइट्स में देरी होती है, तो अंततः बिज़नेस निर्णय बिना डेटा के ही ले लिए जाते हैं।
बिज़नेस पार्टनर्स की दिन-प्रतिदिन की वर्कफ़्लो चुनौतियों में सबसे बड़ा अवरोध जीरा (Jira) टिकट सिस्टम है। जब किसी बिज़नेस प्रश्न का संदर्भ जीरा टिकट के पीछे लॉक हो जाता है, तो उसे असाइन होने और स्प्रिंट (sprint) में शामिल होने में इतना समय लग जाता है कि जवाब आने से पहले ही फैसला बिना डेटा के लेना पड़ जाता है। इसके अलावा एक छुपा हुआ जोखिम "एक्सपोर्ट टू एक्सेल" (Export to Excel) का है, जहाँ संवेदनशील डेटा स्थानीय मशीनों और शेयरपॉइंट पर अनियंत्रित होकर बिखरता रहता है। साथ ही, जब टीमें स्लैक (Slack) या माइक्रोसॉफ्ट टीम्स (Teams) में आपस में चर्चा करती हैं, तो बीआई टूल्स वहाँ तक नहीं पहुँच पाते और निर्णय लेते समय पूरा संदर्भ (context) गायब हो जाता है।
```mermaid flowchart TD accTitle: Traditional BI Bottleneck Flowchart subgraph Bottlenecks["पारंपरिक बीआई वर्कफ़्लो"] A["बिज़नेस क्वेरी"] --> B["जीरा (Jira) टिकट बैकलॉग"] B --> C["डेटा रैंगलिंग & स्टैटिक डैशबोर्ड"] C --> D["एक्सपोर्ट टू एक्सेल (डेटा रिस्क)"] D --> E["निर्णय में भारी देरी / बिना डेटा के डिसीजन"] end ```
- **वर्कफ़्लो की रुकावटें**: जीरा टिकटों के स्प्रिंट साइकल में फँसने से इनसाइट्स समय पर नहीं मिलतीं। - **सुरक्षा जोखिम**: डैशबोर्ड से एक्सेल में डेटा एक्सपोर्ट होने से संवेदनशील जानकारी अनियंत्रित जगहों पर सेव होती है। - **कॉन्टेक्स्ट का अभाव**: स्लैक और टीम्स चैनल्स में होने वाले इंटरैक्शन और बातचीत बीआई सिस्टम से पूरी तरह कटे रहते हैं।
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[04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) नेक्स्ट-जेनरेशन बीआई के तीन स्तंभ: कन्वर्सेशनल, कॉन्टेक्स्टुअल और कोलैबोरेटिव
समस्या टूलींग की नहीं, बल्कि वर्कफ़्लो की है; क्योंकि इंडस्ट्री ने हमेशा केवल 'रिपोर्टिंग' को ऑप्टिमाइज़ किया है, न कि 'डिसीजन-मेकिंग' को। अगली पीढ़ी के बिज़नेस इंटेलिजेंस को सफल होने के लिए तीन मूलभूत स्तंभों पर आधारित होना चाहिए:
1. **कन्वर्सेशनल (Conversational)**: आज के एआई युग में हर कोई जटिल एसक्यूएल (SQL) क्वेरीज़ लिखने के बजाय नेचुरल लैंग्वेज में बात करना चाहता है—चाहे वह स्ट्रक्चर्ड डेटा हो या अनस्ट्रक्चर्ड डेटा। 2. **कॉन्टेक्स्टुअल (Contextual)**: इसमें चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसी शॉर्ट-टर्म मेमोरी के साथ-साथ लॉन्ग-टर्म मेमोरी भी होनी चाहिए। जो एनालिसिस आज किया गया है, उसे संस्थागत नॉलेज बेस (knowledge base) के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए ताकि समय के साथ पूरा संगठन अधिक स्मार्ट बन सके। 3. **कोलैबोरेटिव (Collaborative)**: यूज़र्स को चैट टूल्स (जैसे Teams या Slack) छोड़े बिना सीधे अपनी एसक्यूएल डेटाबेस या बड़ी सीएसवी (CSV) फाइलों को क्वेरी करने और वहीं विज़ुअलाइज़ेशन पाने की सुविधा मिलनी चाहिए।
जब डेटा एनालिसिस सीधे बातचीत के वर्कफ़्लो में आ जाता है, तो किसी थर्ड-पार्टी टूल में अलग से लॉगिन किए बिना त्वरित निर्णय लेना संभव हो जाता है।
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[06:50](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=410s) इग्नाइट लेंस (Ignite Lens): एआई-नेटिव एनालिटिक्स सॉल्यूशन
इन सभी चुनौतियों के समाधान के रूप में इग्नाइट एआई ने 'इग्नाइट लेंस' (Ignite Lens) पेश किया है, जो एक एआई-नेटिव सॉल्यूशन है। चाहे आप डेटा एनालिस्ट हों, बिज़नेस एनालिस्ट हों, बिज़नेस लीडर हों या प्रोडक्ट ओनर—आपको बिना एसक्यूएल सीखे अपने स्ट्रक्चर्ड और अनस्ट्रक्चर्ड दोनों तरह के डेटा से सीधे इनसाइट्स प्राप्त करने की आज़ादी मिलती है।
इग्नाइट लेंस की प्रमुख विशेषताओं में "ब्रिंग योर ओन मॉडल" (BYOM) की सुविधा शामिल है। जेनेरेटिव एआई के लिए किसी एक अनजान एलएलएम (LLM) से बंधे रहने के बजाय यूज़र्स अपनी पसंद और आवश्यकतानुसार मॉडल चुन सकते हैं। इसके अलावा इसका कोलैबोरेटिव फीचर टीम्स और स्लैक के माध्यम से वास्तविक समय में काम करने की अनुमति देता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई लीडर अमेरिका में बैठकर स्लैक में क्वेरी करता है, तो वह उस पूरे एनालिसिस और विज़ुअलाइज़ेशन को सीधे भारत में मौजूद अपनी डेटा इंजीनियरिंग टीम के साथ साझा कर सकता है, और वे वहीं से उस काम को आगे बढ़ा सकते हैं। इससे प्रोडक्टिविटी में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
- **नो-एसक्यूएल आवश्यकता**: गैर-तकनीकी बिज़नेस यूज़र्स भी बिना कोड लिखे डेटा का विश्लेषण कर सकते हैं। - **ब्रिंग योर ओन मॉडल (BYOM)**: संगठन अपने पसंदीदा और स्वीकृत एलएलएम का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं। - **सीमलेस क्रॉस-टीम कोलैबोरेशन**: स्लैक और टीम्स के भीतर सीधे एनालिसिस हैंडऑफ करने की क्षमता।
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[08:17](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=497s) जेनेरलिस्ट एआई की सीमाएँ और डायनाट्यून (DynaTune) के ज़रिए नो-कोड फाइन-ट्यूनिंग
जेनेरलिस्ट एआई (Generalist AI) मॉडल सामान्य सवालों के जवाब दे सकते हैं—जैसे कि ताजमहल कहाँ स्थित है—लेकिन वे यह नहीं बता सकते कि आपकी कंपनी का विशिष्ट केपीआई नंबर क्या होना चाहिए, आपकी संगठनात्मक नीतियाँ क्या हैं, या आपके आंतरिक शब्दों (जैसे "skup day") का क्या अर्थ है। इसके अलावा जेनेरलिस्ट मॉडल्स में हैल्युसिनेशन (hallucinations) और डेटा सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएँ होती हैं।
```mermaid flowchart LR accTitle: DynaTune Fine-Tuning Process subgraph GenAI["जेनेरलिस्ट एआई"] G1["सामान्य ज्ञान (उदा. ताजमहल)"] G2["हैल्युसिनेशन & नो डोमेन नॉलेज"] end subgraph DynaTuneFlow["डायनाट्यून (DynaTune)"] D1["नो-कोड, वन-क्लिक एजेंट"] D2["संगठनात्मक डेटा पर फाइन-ट्यूनिंग"] end subgraph Output["इग्नाइट लेंस आउटकम"] O1["कंपनी और डोमेन की भाषा"] O2["सटीक केपीआई & न्यूनतम हैल्युसिनेशन"] end GenAI --> DynaTuneFlow --> Output ```
इस संदर्भ को मॉडल में जोड़ने के लिए इग्नाइट एआई ने 'डायनाट्यून' (DynaTune) विकसित किया है। यह एक ऐसा नो-कोड एजेंट है जो केवल एक क्लिक में मॉडल को संगठन के अपने डेटा पर फाइन-ट्यून कर देता है। इसके परिणामस्वरूप तैयार मॉडल न केवल डोमेन की भाषा समझता है, बल्कि कंपनी की आंतरिक कार्यप्रणाली और शब्दावली को भी समझता है, जिससे हैल्युसिनेशन बेहद कम हो जाते हैं।
सत्र के अंत में हर्षी खान उपस्थित प्रतिभागियों को बूथ K32 पर आने और इग्नाइट लेंस तथा डायनाट्यून के लाइव इंटरैक्टिव डेमो देखकर बातचीत को आगे बढ़ाने का निमंत्रण देते हैं।
- **डायनाट्यून (DynaTune)**: बिना कोडिंग के सिर्फ एक बटन के क्लिक पर एलएलएम को कस्टमाइज़ और फाइन-ट्यून करने वाला एजेंट। - **सटीकता और सुरक्षा**: कंपनी के अपने डेटा पर मॉडल ट्रेन होने से हैल्युसिनेशन में भारी गिरावट और सटीक डोमेन इनसाइट्स। - **इवेंट लोकेशन**: लाइव डेमो और चर्चा के लिए बूथ K32 पर संपर्क किया जा सकता है।
## Notable quotes > [00:04](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=4s) व्हाट्स द गुड दैट एआई इज़ गोइंग टू डू इफ इट इज़ नॉट गोइंग टू हेल्प अस अपलिफ्ट ह्यूमन डिग्निटी एंड इज़ फॉर पीस — Dr. Bernice King
> [00:04](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=4s) लगभग 80% लीडर्स अपने मौजूदा टूल्स से ज़रूरी बिज़नेस इनसाइट्स पाने के लिए संघर्ष करते हैं, चाहे उनके डैशबोर्ड कितने भी सुंदर क्यों न दिखते हों। — Hershey Khan
> [02:23](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=143s) जब इनसाइट्स में देरी होती है, तो अंततः बिज़नेस निर्णय बिना डेटा के ही ले लिए जाते हैं। — Hershey Khan
> [02:23](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=143s) जब किसी बिज़नेस प्रश्न का संदर्भ जीरा टिकट के पीछे लॉक हो जाता है, तो उसे असाइन होने और स्प्रिंट में शामिल होने में इतना समय लग जाता है कि जवाब आने से पहले ही फैसला बिना डेटा के लेना पड़ जाता है। — Hershey Khan
> [04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) समस्या टूलींग की नहीं, बल्कि वर्कफ़्लो की है; क्योंकि इंडस्ट्री ने हमेशा केवल 'रिपोर्टिंग' को ऑप्टिमाइज़ किया है, न कि 'डिसीजन-मेकिंग' को। — Hershey Khan
> [04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) आज के एआई युग में हर कोई जटिल एसक्यूएल क्वेरीज़ लिखने के बजाय नेचुरल लैंग्वेज में बात करना चाहता है—चाहे वह स्ट्रक्चर्ड डेटा हो या अनस्ट्रक्चर्ड डेटा। — Hershey Khan
> [04:28](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=268s) जो एनालिसिस आज किया गया है, उसे संस्थागत नॉलेज बेस के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए ताकि समय के साथ पूरा संगठन अधिक स्मार्ट बन सके। — Hershey Khan
> [08:17](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ&t=497s) जेनेरलिस्ट एआई मॉडल सामान्य सवालों के जवाब दे सकते हैं—जैसे कि ताजमहल कहाँ स्थित है—लेकिन वे यह नहीं बता सकते कि आपकी कंपनी का विशिष्ट केपीआई नंबर क्या होना चाहिए — Hershey Khan
## Mentioned Hershey Khan, Ignite AI LLC, Ignite Lens, DynaTune, Dr. Bernice King, Dr. Martin Luther King Jr., Gartner, Jira, Excel, SharePoint, Slack, Microsoft Teams, ChatGPT, SQL, CSV, Ai4
## Video description Hershey Khan, Founder & CEO, Ignite AI LLC
Abstracts
What if your Business Intelligence could speak your language, retain context, and foster seamless collaboration?
Traditional BI leaves business teams waiting on static reports, rigid dashboards, and specialized technical experts—hindering quick and informed decision-making. In this talk, I’ll share how IgniteAI is reshaping BI through Ignite Lens, our conversational analytics solution, powered by DynaTune, our no-code, rapid model fine-tuning platform. The session will illustrate how business SMEs can independently explore structured and unstructured data, ask context-rich questions, and unlock collaborative, real-time insights. Attendees will discover how this conversational, contextual, and collaborative approach accelerates agility, enhances accuracy, and empowers frontline teams. Join me to learn how your organization can transform BI from a bottleneck into a strategic advantage.
Join me to learn how you can bring conversational, contextual, and collaborative analytics to your organization’s frontlines.
[Source](https://www.youtube.com/watch?v=wskxarZOARQ)